Shodhmanthan Vol. IX 2018 No.2

सम्पादकीय समिति और अनुक्रमाणिका 

  1. ग्रामीण क्षेत्रों में संचार प्रोधोगिकी की भूमिका -पूजा यादव, वंदना राठौर

  2. घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम और सामाजिक यथार्थता  – डॉ. ज़किया रफत

  3. खेतिहर मजदूर: दशा व दिशा – डॉ. अनूप सिंह सांगवान

  4. उत्तराखंड जनजातियों समाज की संस्कृति एव सामाजिक परमपराये – डॉ. निरंजना शर्मा

  5. मुस्लिम वैयक्तिक कानून , मुस्लिम महिलाएं एव लैंगिंक समानता : मुस्लिम महिलाएं के अवबोधन पर आधारित – डॉ. गिरीश चंद्र पाण्डेय

  6. भारतीय समकालीन कला में मानवीय व् अमानवीय आवेगों का चित्रण – डॉ कविता सिंह 

  7. भारत में समिति व्यवस्था का प्रभाव विकास एव उसका वर्तमान स्वरुप – डॉ. विक्रम सिंह

  8. भारत में महिला सशक्तिकरण: उभरते आयाम – डॉ. निशा त्यागी

  9. क्षयरोग के सामाजिक प्रभावों का एक समाजशास्त्रीय अध्ययन – डॉ. गिरीश चंद्र पाण्डेय 

  10. आधुनिक परिप्रेक्ष्य में महामात्य चाणक्य की नीति एवं शैक्षिक विचारो की उपादेयता – डॉ.  अमर जीत सिंह  ‘परिहार’, रजनी शर्मा

  11. पूर्वी राजस्थान की मीणा जनजाति में विवाह के बदलते प्रतिमान – उर्मिला मीणा , डॉ, मोनिका नागोरी

  12. भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव – डॉ. ललिता

  13. गढ़वाल के शिल्पकार – पेशा उनके द्वारा निर्मित कुछ धार्मिक तथा ऐतिहासिक कृतियाँ एव उनकी शक्तिया – डॉ. रजनी गोसाई

  14. समकालीन भारत में दलित चेतना – अनिल कुमार 

  15. मनरेगा योजना एवं निर्धनता: उत्तर प्रदेश के एक गाँव का समाजशास्त्रीय अध्ययन – हरिनंदन कुशवाहा ,भारती देवी 

  16. समकालीन कथा साहित्य में महिला उपन्यास लेखिकाओं के विविध आयाम – डॉ सुनीता शर्मा 

  17. चित्रकार फ्रीडा काहलो – ‘वेदना की मल्लिका’- डॉ. कविता सिंह

  18. कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण –  डॉ तूलिका चन्द्रा

  19. पर्यटन तथा बदलती सामाजिक जीवन शैली: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन ( पुष्कर के विशेष सन्दर्भ में) – अनिल कुमार जाटावत  & डॉ विनीता लवानिया 

  20. दलित संचेतना का वर्तमान परिप्रेक्ष्य ( जाति आधारित समाजशास्त्रीय विश्लेषण) – डॉ राजपाल सिंह & डॉ रजनीश कौशिक 

  21. ईंट भट्टा मजदूरों की सामाजिक एवं आर्थिक प्रस्थिति: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन – समाजशास्त्र विषय में – बाबूलाल जाटव & डॉ अनिल पालीवाल 

  22. दिव्यांगजन तथा सामाजिक बहिष्करण: प्रमस्तिष्क घात से पीड़ित बच्चों के अभिभावकों का समाजशास्त्रीय अध्ययन – डॉ मणीन्द्र कुमार तिवारी 

  23. आधुनिक युग में महिला सुरक्षा या महिला सशक्तिकरण – भारती चौहान