Shodhmanthan Vol VI 2015 No.2

  1.  वैश्विक परिदृश्य में स्वामी विवेकानन्द : राष्ट्रवादी चिंतन एवं दर्शन – डॉ. (श्री मति  विनोद कालरा

  2. समकालीन हिंदी आवर बोडो कविता की अभिवक्ति विविध स्वर एक तुलनात्मक अध्ययन  – जयंत कुमार बोरो

  3.  स्त्री विरोधी कुप्रथाओ को चुनौती देता मृणाल पाण्डेय का साहित्य – डॉ. मंजुल मठपाल

  4.  भारतीय धर्म साधना में कबीर का स्थान : कबीर ग्रंथावली – शगुन सिक्का

  5.  शिक्षा व ज्ञान : एक अध्ययन – डॉ. अंजुला राजवंशी

  6.  नारी मूल्य विघटन और परम्परागत नैतिकता की निर्थकता (एक समाजशास्त्रीय अध्ययन) – डॉ. रजनीश कौशिक

  7. सरस्वती नदी का ऐतिहासिक अध्ययन – मदन मोहन जोशी

  8. धर्म और कर्म का भारतीय मुक्त दूरस्थ से शिक्षा  असम्बंध् – प्रो. वी. एस.प्रसाद , अश्वनी

  9. आर्यो का मूल निवास – मदन मोहन जोशी

  10. महिला सशक्तिकरण उपलब्धियाँ एवं चुनौतियाँ  – डॉ. अनुराधा

  11.  सूचना प्रोयोगिकी  और हिंदी – सोनदीप

  12. नागरिक पुलिस विभाग एवं पी.ए.सी. में कार्यरत कर्मचारिओं के जीवन संतुष्टि का तुलनात्मक अध्ययन – पूजा खन्ना , डॉ. सीमा गुप्ता

  13. शिवनारायणी काल के ग्रन्थ एक संक्षिप्त काव्यत्मक एवं प्रामाणिक परिचय –  डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव

  14. कृषि तकनिकी के बदलते स्वरुप का अध्ययन जनपद बागपत के सन्दर्भ में – लिंकन कुमार , संदीप कुमार

  15. भारतीय समाज में संसकारो का सर्वागीण महत्व – डॉ. अर्चना मिश्रा

  16. जनपदीय संस्कार गीतों में इस्त्री की सार्वभौमिक मन: स्थिति – डॉ. अनीता जैन

  17. साहित्य और विमर्श – सौरभ कुमार

  18. पलायन झोपड़पट्टियों का उत्पत्ति कारक(स्वातंत्र्योत्तर हिंदी – उपन्यासों के सन्दर्भ में ) – बबिता भंडारी

  19. जल – प्रदूषण   एक परिचय – शकुंतला

  20. शिक्षण संस्थाओ  में पर्यावरण – एक पहल – ज्ञान प्रकाश

  21. भारत में सिविल सोसायटी (लोक कल्याणकारी राज्य की अवधरणा में सहायक) – डॉ. अनुराधा

  22. समाज में नारी उत्पीड़न – प्रो. कांता चौहान

  23. आधुनिक भारतीय कला जगत को समृद्ध करती कला दार्शनिकों की विचारधारा – डॉ रीता सिंह