RJPP 2017 Vol. XV No.2

  1. (RP550) Intolerance Politics in India: A Study in the context of Dadri incident – Dr. Badal Sarkar

  2. (RP551) Gandhian Conception of Public Administration – Dr. Sunita Tewari

  3. (RP552) Domestic Violence Against Women: A Judicial Perspective Pradeep Kumar,  Ishawari Prashad Barwa

  4. RP553) Child Labour and Role of NGO’s – An Analytical Study – Ved Kumari

  5. (RP554) Private Member Bills: Implications of Legislation And Representation – Digvijay Singh Pathani, Prof. Meena Pathani

  6. (RP555) Border Security – Challenges Ahead –  Sunita Tewari

  7. (RP556) India’s Environmental Policy – Neelam Kumari

  8. (RP557) वर्तमान सन्दर्भ में गाँधी – वी.पी.राकेश  

  9. (RP558) भारतीय संविधान एवं महिलाएंकमलेश भारद्धाज

  10. (RP559) पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भूमिका उत्तर प्रदेश के सन्दर्भ मेंडॉ सुधीर मालिक  

  11. (RP560) भारत में महिलाओं की राजनितिक सहभागिताडॉ नीलिमा सिंह  

  12. (RP561) गाँधी जी के साम्ययोगी विचारो के तात्विक विश्लेषण – डॉ संजय कुमार सिंह, वीरेंद्र कुमार

  13. (RP562)  तीन तलाक़ और महिला सशक्तिकरण – डॉ शिवाली अग्रवाल  

  14. (RP563) पं० दीनदयाल उपाध्याय और भारतीय अर्थ -परंपरा – डॉ राजनारायण शुक्ला

  15. (RP564) उत्तर प्रदेश की राजनितिक विचारधारा: एक मूल्यांकन – डॉ सुधीर मालिक

  16.  (RP565) सु-शासन: व्यवस्थात्मक संरचनाओं के सन्दर्भ में – डॉ निवेदिता कुमारी

  17. (RP566) वर्तमान भारतीय संघीय  वयवस्था : दशा एवं दिशा – डॉ. कल्पना सिंघल

  18. (RP567) कैंसर के तरह तेजी से बढ़ता भ्रष्टाचार – शिव कुमार

  19. (RP568)भारत में आतंकवाद और उसके प्रचार की नई विधियाँ – डॉ निवेदिता सिंह

  20. (RP569) भारत की राजनीती में गहरी है, राजनीतीक भ्रष्टाचार की जड़ें – डॉ विनोद कुमार  

  21. (RP570) नक्सलवाद: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि कारण एवं समाधान – डॉ प्रवीण कुमार 

  22. (RP571) राजस्थान में पर्यटन उद्योग की प्रमुख योजनायें एवं उपलब्धियां – कमलेश बैरवा

  23. (RP572) भारतीय उदारवादी के रूप में गोपाल कृष्ण गोखले – डॉ. देवी प्रसाद श्रीवास्तव

  24. (RP573) भारत में स्थानीय शासन: पंचायतो का विकास और उनके अधिकार – डॉ. जय कुमार सरोहा

  25. (RP574) प्रवासी प्रवृत्ति का समाजशास्त्रीय अध्ययन – जय शंकर प्रसाद पाण्डेय, पूजा तिवारी

  26. (RP575) प्राचीन भारतीय मनीषियों के सामाजिक राजनितिक चिंतन की वर्तमान परिस्थितियों में प्रासंगिकता – डॉ. रोचना मित्तल

  27. (RP576) भारत में स्थानीय स्वशासन : समस्याएं एवं निदान – डॉ. जय कुमार सरोहा

  28. (RP577) Book Review – Dr. Satish Kumar